एक फिर अमेरिका कि Cyble inc के सायबर रिसर्चर्स ने खुलासा किया है एक लाख से ज्यादा भारतीयों के रिकार्ड्स ऑनलाइन लिक हुए है. छानबीन करने पर पता चला है कि यह डेटा 2017 से लेकर 2020 तक का है . जो भी व्यक्ति इसे डार्क वेब पर बेच रहा है वो कोई जानी मानी हस्ती नही है . इस वजह से बहुत जल्दी से उसके के तरफ ध्यान आकर्षित नहीं होता है . डेटा लिक करने वाले ने बताया है कि उसके पास भारत के विभिन्न क्षेत्र से डेटा उपलब्ध है. Cyble कि टीम ने कुछ सेम्पल डेटा हासिल किया जिसमे ज्यादातर जानकारी सही और सटीक पाई गई है . हेकर कि जानकारी के मुताबिक़ उसके पास करीब करीब 100 GB का डेटा है .
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गुरुवार, 4 जून 2020
एक बार फिर 100000 से ज्यादा भारतीयों का Data Dark Web पर Leak हुआ
प्रस्तुतकर्ता Jitendra Indave in: Cyberसोमवार, 1 जून 2020
VPNMentor की रिपोर्ट : BHIM App के 7.26 मिलियन यूजर्स की जानकारी Leak हुई
प्रस्तुतकर्ता Jitendra Indave in: Cyberइजराइल की साइबर सिक्योरिटी कंपनी वीपीएन मेंटर्स की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि भीम ऐप के 70 लाख से ज्यादा रिकॉर्ड इंटरनेट पर लीक हुए हैं। भीम (भारत इंटरफेस फॉर मनी ) एप यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) पर आधारित ऐप है जिसको भारत में डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए National Payments Corporation of India (NPCI)द्वारा 2016 में बनाई गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक डाटा गलत तरीके से कॉन्फ़िगर किए गए अमेज़न सर्विस S3 बकेट जो क्लाउड बेज्ड सर्विस है उसमे स्टोर किए गए थे। कंपनी के मुताबिक कुल 409 जीबी का डाटा लीक हुआ है जिसमें यूजर्स के आधार कार्ड,डिग्री सर्टिफ़िकेट, जाति प्रमाण पत्र, बैंक रिकॉर्ड, निवास प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण जानकारी शामिल है और यह जानकारी पब्लिकली एक्सेसिबल हो गई थी।
रविवार, 31 मई 2020
डार्क वेब क्या है? वहां पर क्यों जाना मना है? अस्तित्व में कैसे आया?
प्रस्तुतकर्ता Jitendra Indave in: Cyber
आज हम दुनिया की इंटरनेट के बिना कल्पना नहीं कर सकते। यह वेंटिलेटर पर दिए गए ऑक्सीजन की तरह हो गया है। जिसके निकाल देने से दुनिया मानो रुक जाएगी। दिनभर गूगल, यूट्यूब, सोशल मीडिया एप, ऑनलाइन गेम और ना जाने क्या क्या हम इंटरनेट पर एक्सप्लोर करते रहते हैं। लेकिन एक बात जानकर आपको जरूर हैरानी होगी कि जिस इंटरनेट का आप इस्तेमाल आप कर रहे हो या कर सकते हो वह तो सिर्फ इंटरनेट का चार से पांच प्रतिशत हिस्सा ही है । इंटरनेट पर ऐसा बहुत कुछ है जिसके बारे में आप नहीं जानते। वह काली दुनिया है जिसे हर कोई एक्सिस नहीं कर सकता और खतरों से भरी हुई है इस दुनिया को हम कहते हैं Dark Web.
शनिवार, 30 मई 2020
अब गूगल आपको सचेत करेगा इंटरनेट पर हो रहे आर्थिक फ्रॉड के बारे में
प्रस्तुतकर्ता Jitendra Indave in: Cyber
Federal Trade Commission (FTC) के मुताबिक सन 2019 में 1.9 billion-dollar रुपए इंटरनेट पर धोखाधड़ी के मामले में लोगों ने गवाए हैं। हर 1 मिनट पर $ 3600 बैंक से हैकर्स द्वारा ट्रांसफर की गई है। ऐसे में इंटरनेट पर होने वाले फ्रॉड से हमें हमेशा अलर्ट रहना जरूरी हो जाता है। गूगल ने साइबर क्राइम सपोर्ट नेटवर्क के साथ मिलकर एक नई पहल शुरू की है जिसमें गूगल हमें बताएगा कि किस तरह स्कैम को हैकर्स अंजाम देते हैं और किस तरह से हमें उनसे बचना चाहिए। इसके लिए scamspotter .org नाम की वेबसाइट लॉन्च की गई है इसमें गूगल द्वारा 3 गोल्डन रूल बताए गए हैं जो इसमें आपकी मदद करेगा।
शुक्रवार, 29 मई 2020
10 करोड़ Android स्मार्टफोन यूजर्स पर चीनी हैकरों का खतरा, कही आपके मोबाईल में तो नहीं है न यह एप्स ?
प्रस्तुतकर्ता Jitendra Indave in: Cyber
हैकिंग के संदर्भ में बहुत बड़ा मामला सामने आ रहा है। रिसर्चर्स की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक एंड्रॉयड स्मार्टफोंस में चीनी डेवलपर द्वारा एक खतरनाक वायरस पहुंचाया जा रहा है। साइबर सिक्योरिटी टीम ने इसे स्पाइवेयर के तौर पर बताया गया है। VPN Pro की रिसर्च टीम ने बताया कि चीनी एप डेवलपर द्वारा बनाए गए एप यूजर्स के डिवाइस में कुछ खतरनाक परमीशंस की डिमांड करते है, और यह बताया जा रहा है कि इसमें एक रिमोट एक्सेस ट्रोजन छुपा हुआ है जो एंड्राइड फोन यूजर्स के जानकारी के बाहर डाटा हैक कर सकता है।
बुधवार, 27 मई 2020
सायबर अपराध में Phishing क्या होती है ? कितने तरह कि फिशिंग होती है ?
प्रस्तुतकर्ता Jitendra Indave in: Cyber
यूज़र की निजी एवं महत्वपूर्ण गोपनीय जानकारी सोशल इंजीनियरिंग के माध्यम से धोखाधड़ी करने के लिए चुराने की क्रिया को phishing कहते हैं। पर्याप्त जानकारी जुटाने के बाद यूज़र को ईमेल अथवा फोन के द्वारा फँसाने की कोशिश की जाती है। हमारा पूरा नाम, जन्म तिथि, पता, सोशल सिक्योरिटी नंबर, बैंक अकाउंट नंबर, गाड़ी नंबर वगैरह भले ही हमें सामान्य बातें लगती होंगी लेकिन Phisher के लिए सोने की खदान से कम नहीं है। बाद में इन्हीं सब जानकारियों का इस्तेमाल कर आपके बैंक अकाउंट को सेंध लगाई जाती है। डार्क वेब पर इस तरह कि जानकारी हेकर्स को आसानी से मिल जाती है ।





